घर बैठे चालान भरे,ई चालान सिस्टम अब शुरू-सीपी पटनायक।      22 पूर्व कैडेटों को मिला एनसीसी अचीवर्स अवार्ड 2019      MHA ने आईएएस,आईपीएस अधिकारियों की ट्रांसफर/पोस्टिंग की।      पुलिस को पीटने वाले उनको माँ बहन की गाली देने वालो के साथ पुलिस अधिकारी,अफसरों ने पुलिस का भय खत्म किया दिया।            ब्रेकिंग न्यूज़###      प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी चाको और प्रदेश अध्यक्षा शीला में ऑब्जर्वर की नियुक्तियो पर ठनी।      ट्रैफिक इंस्पेक्टर कर्मवीर से मारपीट करने वाले आईपीएस मधुर वर्मा का ट्रांसफर अरुणाचल प्रदेश हुआ।      PCR में तैनात दिल्ली पुलिस की महिला सिपाहियों ने फर्जी सब-इंस्पेक्टर पकड़ा।      मदरसे में पुलिस ने छापा मारकर हथियारों का जखीरा पकड़ा,6 गिरफ्तार किए।      सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू- कश्मीर में धारा 370 की पीआईएल स्वीकार की केंद्र को नोटिस।      स्पेशल सेल ने 55 केसों में शामिल दो गैंगस्टरों को हथियार समेत गिरफ्तार किया।      आंतकवादी घटनाओं में 28%,घुसपैठ में 43%की गिरावट-जी किशन रेड्डी।      सीबीआई ने 19 राज्यो में 110 जगहों पर करप्शन,हथियार तस्करी व आपराधिक षडयंत्र रचने वालो पर छापेमारी की।      दिल्ली पुलिस की "ANTI HUMAN TRAFFICKING UNIT" ने 333 बच्चों को रेस्क्यू किया।      बस के खाइ में गिर जाने से 29 यात्रियों की मौत।      "कार्ट4आल"वेबसाइट बनाकर 500 लोगो को 80 लाख का चूना लगाया,साइबर सेल ने दो पकड़े।      हौजकाँजी मामले में कमिश्नर पटनायक का दौरा      दिल्ली में भृष्ट कर्मियों की पहचान कर उन्हें जबरन रिटायर किया जाएगा-उपराज्यपाल      पुलिस के रवैये से परेशान राहुल ने थाने के बाथरूम में खुद को आग लगाई,सब इंसपेक्टर निलंबित।     

( 28/06/2019)  (Pradeep Mahajan) दिल्ली में अपशिष्ट मानकों के नियमो का उल्लंघन करने वाले12अस्पताल बन्द होंगे।

 
दिल्ली में अपशिष्ट मानकों के नियमो का उल्लंघन करने वाले12अस्पताल बन्द होंगे।

दिल्ली में अपशिष्ट मानकों के नियमो का उल्लंघन करने वाले12अस्पताल बन्द होंगे। 
(प्रदीप महाजन)दिल्ली केअस्पतालों में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने छापे मारकर जांच की तो कई अस्पतालों में बॉयोमेडिकल अपशिष्ट मानकों का अस्पताल के संचालन उल्लंघन कर रहे थे जिसपर बड़ी कार्यवाही करते हुए प्रदूषण समिति ने 12 अस्पतालों को बंद करने का आदेश जारी किया। 
गौरतलब है कि अस्पतालों से हर कई टन कूड़ा-कचरा निकलता है।ये कचरा अधिक नुकसान दायक होता है। अस्पतालों से निकलने वाला ये कचरा अस्पताल के मरीजो से सम्बंधित होता है,औसतन अस्पताल में भर्ती हर रोगी से प्रतिदिन डेढ़ किलोग्राम कचरा निकलता है। अस्पताल से निकलने वाले कुल कचरे में से 47 प्रतिशत जीव-चिकित्सा सम्बन्धी होता है। यह खतरनाक होता है क्योंकि इसमें रोग फैलाने वाले कीटाणु होते हैं। मनुष्यों और पशुओं के अवशेष, खून और मानव शरीर के द्रव से तर-बतर अन्य सामग्री, रद्दी चिकित्सा उपकरण, दूषित रुई, प्लास्टर, ड्रेसिंग एवं शल्य-चिकित्सा और शव परीक्षा का कचरा स्वास्थ्य के लिए गम्भीर खतरा हो सकता है क्योंकि ये वस्तुएँ जीवाणु, वायरस और अन्य सूक्ष्म जीवों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण पेश करती हैं। रोगों को जन्म देने वाले एसचेरीचिया, सेलमोनीला, विबरियो हेपेटाइटिस के कीटाणु तब तक सक्रिय रहते हैं जब तक उन्हें जलाकर नष्ट नहीं कर दिया जाता। इन रोगों के कीटाणु विभिन्न एजेंटों के जरिए दूर-दूर तक ले जाए जा सकते हैं। शल्य चिकित्सा और शव परीक्षा का कचरा, अगर वह अनुपचारित है तो बहुत संक्रामक होता है।इन कचरे की वजह से जो स्वास्थ्य व्यक्ति होता है वह भी इस बीमारी की चपेट में आ जाता है, इससे एड्स,कैंसर आदि जैसी घातक बीमारियां भी जन्म ले सकती है।इसलिए बॉयोमेडिकल कचरे के लिए कई कड़े नियम और मानक तय किये गए हैं, लेकिन अस्पताल संचालक इन नियमो का उल्लंघन करने से बाज़ नही आते।read full story on www.insmedia.org

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