चिड़ियाघर में पागल आदमी शेर के बाड़े में कूदा,जू प्रशासन ने बचाया।      ऑड-इवेन स्कीम में नियम तोड़ने पर 4000 रुपये जुर्माना,किनको मिलेगी छूट।      आयुर्जीवन के सम्पादक वैद्य ओम प्रकाश बने अखिल भारत ब्राह्मण महासभा के पूर्वी दिल्ली जिलाध्यक्ष।      घण्टो में पुलिस ने मोदी की भतीजी का लुटेरा दबोचा,मोदी है तो मुमकिन है।      पुलिस की पहल पर 61 लोगो को रोजगार मिला।      ‘प्रेस की स्वतंत्रता सर्वोपरि है लेकिन पत्रकारिता एक तरफा ना हो-सुप्रीम कोर्ट ।      दिल्ली पुलिस पर अब ठग है भारी, JT. कमिश्नर कटियार को चपत मारी।      पुलिस के खिलाफ खबरें चलाने पर 5 पत्रकारों पर यूपी पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट लगाया, 4 गिरफ्तार।      सीबीआई के 15 अधिकारी गृह मंत्राल अवार्ड से सम्मानित।      बदमाश को पकड़ने गए पुलिस वालों की आंखों पर मिर्ची डाली।      सूचना का अधिकार भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कसता है- सुबोध गोस्वामी      बैखोफ बदमाशो ने पुलिस वालों को पीटा, घसीटा पिस्टल छीनी, बदमाश गिरफ्तार।      जम्मू कश्मीर के पहले उपराज्यपाल बने आईपीएस विजय कुमार।      मोदी जी कश्मीर मुद्दे पर सुतली बम ना बनना।      सीपी पटनायक ने दिल्ली में आंतकी हमले के मद्देनजर करी हाई लेवल मीटिंग।      सिपाही को अपनी रक्षा के लिए गोली चलानी पड़ी।      इंदिरापुरम थाने के 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड,कपल से मांगे 20 हजार रुपये।      पुलिस कस्टडी से फरार हुए भगोड़े आरोपी को दोबारा गिरफ्तार किया।      दिल्ली के उपराज्यपाल के PA से ठगी।       डॉक्टर को ब्लैकमेल करने वाले 2 युवतियों सहित 4 लोग गिरफ्तार।     

( 28/06/2019)  (Pradeep Mahajan) दिल्ली में अपशिष्ट मानकों के नियमो का उल्लंघन करने वाले12अस्पताल बन्द होंगे।

 
दिल्ली में अपशिष्ट मानकों के नियमो का उल्लंघन करने वाले12अस्पताल बन्द होंगे।

दिल्ली में अपशिष्ट मानकों के नियमो का उल्लंघन करने वाले12अस्पताल बन्द होंगे। 
(प्रदीप महाजन)दिल्ली केअस्पतालों में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने छापे मारकर जांच की तो कई अस्पतालों में बॉयोमेडिकल अपशिष्ट मानकों का अस्पताल के संचालन उल्लंघन कर रहे थे जिसपर बड़ी कार्यवाही करते हुए प्रदूषण समिति ने 12 अस्पतालों को बंद करने का आदेश जारी किया। 
गौरतलब है कि अस्पतालों से हर कई टन कूड़ा-कचरा निकलता है।ये कचरा अधिक नुकसान दायक होता है। अस्पतालों से निकलने वाला ये कचरा अस्पताल के मरीजो से सम्बंधित होता है,औसतन अस्पताल में भर्ती हर रोगी से प्रतिदिन डेढ़ किलोग्राम कचरा निकलता है। अस्पताल से निकलने वाले कुल कचरे में से 47 प्रतिशत जीव-चिकित्सा सम्बन्धी होता है। यह खतरनाक होता है क्योंकि इसमें रोग फैलाने वाले कीटाणु होते हैं। मनुष्यों और पशुओं के अवशेष, खून और मानव शरीर के द्रव से तर-बतर अन्य सामग्री, रद्दी चिकित्सा उपकरण, दूषित रुई, प्लास्टर, ड्रेसिंग एवं शल्य-चिकित्सा और शव परीक्षा का कचरा स्वास्थ्य के लिए गम्भीर खतरा हो सकता है क्योंकि ये वस्तुएँ जीवाणु, वायरस और अन्य सूक्ष्म जीवों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण पेश करती हैं। रोगों को जन्म देने वाले एसचेरीचिया, सेलमोनीला, विबरियो हेपेटाइटिस के कीटाणु तब तक सक्रिय रहते हैं जब तक उन्हें जलाकर नष्ट नहीं कर दिया जाता। इन रोगों के कीटाणु विभिन्न एजेंटों के जरिए दूर-दूर तक ले जाए जा सकते हैं। शल्य चिकित्सा और शव परीक्षा का कचरा, अगर वह अनुपचारित है तो बहुत संक्रामक होता है।इन कचरे की वजह से जो स्वास्थ्य व्यक्ति होता है वह भी इस बीमारी की चपेट में आ जाता है, इससे एड्स,कैंसर आदि जैसी घातक बीमारियां भी जन्म ले सकती है।इसलिए बॉयोमेडिकल कचरे के लिए कई कड़े नियम और मानक तय किये गए हैं, लेकिन अस्पताल संचालक इन नियमो का उल्लंघन करने से बाज़ नही आते।read full story on www.insmedia.org

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