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( 31/07/2018)  (Pradeep Mahajan) 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची से रेप के अपराध में मृत्यु दंड की सजा,लोकसभा में बिल पास I

 
12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची से रेप के अपराध में मृत्यु दंड की सजा,लोकसभा में बिल पास I

12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची से रेप के अपराध में मृत्यु दंड की सजा,लोकसभा में बिल पास I  
 (pardeep mahajan)दंड विधि संशोधन विधेयक 2018 लोकसभा में  पास कर दिया गया। जिसमें 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची से रेप के अपराध में मृत्यु दंड की सजा देने समेत बलात्कार के अपराध में दोषियों को सख्त दंड का प्रावधान किया गया है। गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने भारतीय दंड संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1972, दंड प्रक्रिया संहिता 1973 और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 का और संशोधन करने वाले दंड विधि संशोधन विधेयक 2018 को पेश किया। विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि सोलह वर्ष और 12 वर्ष से कम आयु की लड़कियों के साथ बलात्कार और सामूहिक बलात्कार की हाल की घटनाओं ने सम्पूर्ण राष्ट्र के अंत:करण को झकझोर दिया है। ऐसे में इन मामलों में विधिक उपबंधों के माध्यम से अधिक कठोर दंड देना  जरूरी है ,इस विधयेक में कहा गया गया है कि बलात्कार के सभी मामलों के संबंध में जांच थाने में जानकारी देने से दो माह की अवधि में पूरी की जाएगी। बलात्कार के अपराध के मामलों में दोषसिद्धि या दोषमुक्ति के विरूद्ध अपील का, उसे फाइल किये जाने की तिथि से छह माह की अवधि में निपटारा करना होगा। वही दूसरी और एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि फांसी की सजा का प्रावधान सही नहीं है. उन्होंने कहा कि हमारी अदालतों में जजों की कमी है, लाखों मामले लंबित हैं, ऐसे में यह बिल जमीन पर काम कैसे कर पाएगा. ओवैसी ने कहा कि पुलिस स्टेशनों में शिकायतें ही दर्ज नहीं की जा रही है तो दोषियों को सजा कैसे हो पाएगीI
दिल्ली की  बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने लोकसभा में कहा कि  हम और हमारा समाज उन सभी बलिकाओं के अपराधी हैं जो अपने मन में निराशा का भाव लिए बैठी हैं. लेखी ने कहा कि यह बिल महिलाओं को काफी ताकत देने वाला है तो  सुप्रिया सुले ने कहा कि पीड़िता की पहचान गुप्त रखना बेहद जरूरी है. चाहे-अनचाहे में हम सभी पीड़िताओं की पहचान उजागर कर ही देते हैं जो काफी दुखद पीड़ितों के लिए होता है I

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